Wednesday, February 27, 2019

क्या विंग कमांडर अभिनंदन को नचिकेता की तरह भारत वापस लाया जा सकता है?

पाकिस्तान ने कहा है कि भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान उनके क़ब्जे में है. भारत ने पाकिस्तान से विंग कमांडर अभिनंदन की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने को कहा है.

भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को तलब किया और अपना विरोध जताया.

इससे पहले, पाकिस्तान ने पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने नियंत्रण रेखा के पार आए भारत के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है और दो पायलटों को गिरफ़्तार किया है. लेकिन बाद में कहा कि उसके कब्ज़े में सिर्फ़ एक भारतीय पायलट है.

जिस पायलट की बात हो रही है वो इंडियन एयरफ़ोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान हैं. उन्होंने बुधवार सुबह फाइटर प्लेन मिग 21 से उड़ान भरी थी.

अब सवाल ये है कि यदि विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान के कब्जे में हैं तो उन्हें भारत वापस कैसे लाया जा सकता है. क्या इससे पहले भी ऐसा हुआ था?

तो हम आपको बता दें कि करगिल युद्ध के दौरान भी एक 26 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट के. नचिकेता पाकिस्तान के कब्जे में थे और बाद में उन्हें भारत के हवाले किया गया था.

करगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान में जी. पार्थसारथी भारतीय उच्चायुक्त थे. पार्थसारथी 1963-1968 के दरम्यान भारतीय सेना के भी अधिकारी रह चुके हैं.

तब नचिकेता की कैसे भारत वापसी हुई थी, इस पर पार्थसारथी ने बीबीसी को ये बताया-

करगिल युद्ध के समय प्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता मिग एयरक्राफ्ट में थे. उन्हें ये आदेश दिये गये थे कि नियंत्रण रेखा पार नहीं करना है. युद्ध के दौरान उन्होंने मिग से आक्रमण किया. लेकिन जब नीचे आए तो मिसाइल ट्रैक से उनको उतारा गया. पाकिस्तान ने उन्हें कब्जे में लिया.

कुछ दिन बाद मुझे पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से संदेश मिला कि प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि नचिकेता को रिहा कर दिया जाए. ये उनकी तरफ से सद्भाव का संकेत था.

उन्होंने कहा कि हम उन्हें रिहा करना चाहते हैं. मैंने कहा ठीक है. मैंने पूछा कहां मिलूं उनसे. तो उन्होंने कहा कि जिन्ना हॉल आइये. मैंने पूछा कहां. तो उन्होंने कहा जिन्ना हॉल.

मुझे पता चला कि जिन्ना हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस होती है. तो मैंने उनसे पूछा कि जब आप उनकी वापसी करते हैं तो वहां मीडिया होगी. तो उन्होंने कहा 'हां'. इस पर मैंने कहा कि 'असंभव' है, जो युद्धबंदी रहे हैं आपके साथ उसको रिहा करते समय मीडिया रहेगी जिसे मैं कभी स्वीकार नहीं करूंगा. उन्हें अगर दुनिया की मीडिया के सामने उदाहरण बना कर पेश करेंगे तो मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता. आप उनको निजी तौर पर हमें दें. मैंने दिल्ली को सूचित किया तो वहां से कहा गया कि आपने सही किया.

मुझे पाकिस्तान की तरफ से फिर फ़ोन आया और पूछा गया कि आप बताएं कि उन्हें कैसे छोड़ा जाए. तो मैंने कहा कि देखिए आप से हमारा विश्वास चला गया है, आप उन्हें दूतावास में छोड़ें फिर मैं उनका चार्ज लूंगा. तो उन्हें दूतावास लाया गया और वहां मैंने उनका चार्ज लिया.

रात को उन्हें एयर कमोडोर जसवाल के घर में ठहराया गया और अगले दिन मैंने कहा कि आप जहाज़ में नहीं जाएंगे. मैंने उनको एक गाड़ी में रखा, उनके साथ एयर अटैचे और नेवल अटैचे (वायु सेना और नेवी का अधिकारी जो एक राजनयिक मिशन का हिस्सा होता है) को भेजकर वाघा में अपनी सेना के सुपुर्द करने को कहा. नचिकेता हफ़्ते-दो हफ़्ते पाकिस्तान के कब्जे़ में रहे.

1965 के जंग में मैं सियालकोट में था. यदि पाकिस्तान के कब्जे़ में आने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ तो यह अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है.

मीडिया में पायलट की तस्वीर रिलीज़ करना और उनके हाथ बंधे वीडियो जारी करना युद्ध की नीतियों के ख़िलाफ़ है.

जैसे नचिकेता को रिहा करवाया गया था उसी तरह से कार्रवाई होनी चाहिए.

पाकिस्तान की तरफ़ से हमले किये गए. उनका विमान गिराया गया है लेकिन वो कभी इसे स्वीकार नहीं करते हैं.

आक्रोश तो होगा ही. युद्ध में पहली बार नहीं है कि हमारे पायलट उनके कब्जे में हैं. वो एक उदाहरण है.

सरकार जो उचित समझे उस पर कार्रवाई करे. जब उपयुक्त समय आएगा तो यह स्वाभाविक है उस पर बात की जाएगी, कल सुबह बात करनी है कि नहीं, यह सरकार का फ़ैसला है.

युद्धबंदियों पर जेनेवा कन्वेंशन लागू होता है. जेनेवा कन्वेंशन के हिसाब से पाकिस्तान को उनके साथ मानवीय व्यवहार करना होगा.

Friday, February 15, 2019

澳门的葡国菜:鲜为人知的融合料理

沿着澳门的一条小巷走下去,到了一家不起眼的餐厅,这里的风貌与拉斯维加斯风格赌场华丽的霓虹灯和闪闪发光的外墙相去甚远。这些赌场是这个位于中国南部沿海的特别行政区的标志。然而,在这条小巷,隐藏着一个与邻近的赌场地带截然不同的世界:一个充满了过去味道和旧澳门精神的地方。

“我敢说,澳门葡国菜(Macanese cuisine)是世界上第一种融合料理,”帕尔默(Sonia Palmer)说。对面坐着她的母亲,103岁的耶苏斯(Aida de Jesus)。她们的这家小餐厅叫Riquexó,母女二人已经共同经营了35年。澳门葡国菜,一种葡萄牙和中国菜的独特组合,其烹饪历史可以追溯到450多年前,即16世纪澳门作为贸易站刚被租给葡萄牙之时。

帕尔默解释说,澳门葡国菜和土生葡人社群一样,都起源于中国人和葡萄牙人的通婚。“中国妻子尽可能烹饪一些葡萄牙丈夫在葡萄牙自幼吃惯的家乡菜。但是,那时他们在澳门无法获得所有的调料,所以妻子们就用一些中国和东南亚的调料来代替。这就是这种融合料理的由来。”

说到开创,帕尔默说,她的母亲本身就是一位葡国菜先驱者,所以有“澳门葡国菜教母”之称。“我母亲开Riquexó餐厅的时候,那是城里第一家澳门葡国菜餐厅;在那之前,葡国菜主要是在家里烹调的家常菜。”

帕尔默说,尽管她的母亲已经年迈,但她仍然每天来到这家餐厅。“她不想只是坐在家里盯着四面墙看。来这里,她可以坐下来和顾客聊天。她也来这里吃饭。厨师们烹调的所有菜肴她还会给与意见,告诉他们需要改善的地方。”

这个家族经营的餐厅小而温馨,墙上挂满了老澳门的照片,让人回想起过去的时光,吸引了形形色色的顾客,他们都对餐厅正宗的澳门葡国菜和合理的价格赞不绝口。常客包括来自当地的葡萄牙人、土生葡人和华人,其中一些食客每天必定来此开餐。帕尔默解释说,来自外地的游客也会来这里参观,不过不会经常有,因为这里不是旅游区。“一些游客专程找到这里,他们总是很高兴,因为他们可以体验到真正的澳门味道。我想他们是通过上网找到我们的餐厅的。”

除了作为融合料理先驱的传统,如今的澳门葡国菜还承担着帮助保存日渐衰落的澳门葡国文化的角色。1999年澳门从葡萄牙殖民手上移交给中国时,大量土生葡人移居海外,澳门目前约有66.34万人,其中约90%是中国人。随着数量的减少,人们担心澳门土生葡人社群面临灭绝的危险。

帕尔默说, “不幸的是,如今澳门的土生葡人社群并不大。我认为只有大约1000人。自主权移交以来,澳门不再有大量葡萄牙人与当地人通婚,因此澳门土生葡人社群没有增长。

土生葡人社群有他们自己的语言,称为巴度亚语(Patuá,也成为澳门土生葡语)。这种葡萄牙混合语起源于16世纪澳门开始被葡萄牙人控制之时。然而,联合国教科文组织在2000年估计,巴度亚语的使用者现不超过50人,已将其列为极度濒危语言。眼看着巴度亚语接近消亡,澳门剩下的土生葡人希望他们钟爱的美食不会遭受同样的命运。帕尔默和她的母亲热衷于保存土生葡人的饮食烹饪,她们一直在分享自己的家庭食谱,希望那些积极进取的厨师们能够延续其传统。

帕尔默说,“澳门有一家教育餐厅,他们在那里培训下一代厨师。我们和他们分享了很多食谱,因为我们希望土生葡人的菜品能够延续下去。我们觉得没有必要对我们的食谱保密。无论谁向我们要,我们都会分享。”

他们最喜欢的一道菜是porco bafassa,这是一道丰盛的澳门葡国菜,由嫩炖猪肉和炖土豆配姜黄汁。另一道是tacho,是一种仿葡萄牙传统慢炖菜,把卷心菜、火腿、猪肉炖在一起的葡国菜大杂烩,原来的葡萄牙辣味香肠(chouriço)则用中国香肠代替。

受到厨艺学徒的热情鼓舞,帕尔默仍然乐观地认为,澳门葡国菜将会继续流行。“如今,要让澳门葡国文化在澳门继续存在,是非常具有挑战性的。但幸运的是,我有几个朋友开了餐馆,即使我家放弃,他们也会让这种菜式传承下去。”

其中一位朋友是当地的土生葡人厨师阿尔维斯(Florita Alves),她热衷于继续帕尔默和她的母亲开创的工作,推广澳门葡国菜。今年早些时候,阿尔维斯在自家的La Famiglia餐厅推出了一份葡国菜菜单。她的餐厅位于澳门旅游热点凼仔(Taipa Village)中心,提供经典的澳门葡国菜,比如葡国鸡(一种和椰奶、碎椰肉和姜黄粉一起炖的椰子鸡),阿尔维斯的使命是通过食物保护她的文化,她认为这是最直接和简单的方法。

阿尔维斯说,“客人上门,一开始我会介绍一些招牌的澳门葡国菜,比如免治肉(minchi,炒碎牛肉和碎猪肉,或只炒碎牛肉), 这道可口的菜很适合用来介绍葡国菜,因为味道好吃,而且大多数客人都喜欢。之后,我会加入更多的时令菜肴,一步步地提高人们对葡国菜的兴趣。”

Friday, February 8, 2019

डिमेंशिया पीड़ितों को ठीक करेगा रोबोट, टीवी शो दिखाकर दी जा रही ट्रेनिंग

एक रोबोट को टीवी शो इसलिए दिखाया गया ताकि वह डिमेंशिया के लक्षणों को पहचान सके। दावा है कि इस तरह का यह पहला रोबोट है, जिसने टीवी शो देखकर फेशियल एक्सप्रेशन को पहचानना सीखा। दरअसल, ‘रॉबी’ नाम के रोबोट को टीवी शो ‘इमरडेल’ दिखाया गया। इसमें एश्ले थॉमस नाम का कैरेक्टर डिमेंशिया से पीड़ित होता है। डिमेंशिया एक तरह की बीमारी होती है, जिसमें इंसान की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है और वह छोटी-छोटी बातें भी भूल जाता है।

इंसान के चेहरे को समझ सकता है रॉबी
रॉबी को एज हील यूनिवर्सिटी के कम्प्यूटर साइंटिस्ट डॉ. एर्डेन्डु बेहेरा और उनकी टीम ने तैयार किया है। इस रोबोट को इंसान की तरह ही आकार दिया गया है, जो चल सकता है और मूवमेंट भी कर सकता है। ये रोबोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी की मदद से इंसान के चेहरे को समझ और पढ़ सकता है।

यह रोबोट उनकी बॉडी लैंग्वेज और बिहेवियर को भी समझ सकता है। रॉबी को तैयार करने वाली टीम को उम्मीद है कि ये रोबोट डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति की निगरानी करने और उन्हें इससे उबरने में मदद कर सकता है। डिमेंशिया से दुनियाभर में 4.7 करोड़ लोग पीड़ित हैं।

इससे डिमेंशिया पीड़ितों को मदद मिलेगी
डॉ. बेहेरा ने बताया, 'रॉबी डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति के बिहेवियर को समझ सकता है। उनकी दिमागी समस्या को देख सकता है और देख सकता है कि वे कितना एक्टिव हैं, क्या खाते-पीते हैं और क्या वे नियमित रूप से दवाई लेते हैं?' उन्होंने बताया, "फिलहाल डिमेंशिया को ठीक करने का इकलौता तरीका ऑब्जर्वेशन है और इसमें काफी समय लगता है और इसमें खर्चा भी होता है लेकिन इस रोबोट की मदद से इसे कम किया जा सकेगा।"

चार तरह के बिहेवियर पहचान सकता है रॉबी
डॉ. बेहेरा के मुताबिक, इस रोबोट को डिजाइन करने का मकसद ऐसे लोगों की मदद करना है, जो अकेले रहते हैं और अकेलेपन में उन्हें अपनी मदद के लिए किसी की जरूरत होती है। उन्होंने बताया, "रॉबी पहला ऐसा रोबोट है जो विजन-बेस्ड रिकग्निशन तकनीक का उपयोग करता है। इसकी मदद से ये एग्रेसिव, डिप्रेसिव, खुशी और न्यूट्रल चार तरह के बिहेवियर समझने में सक्षम है।"

उन्होंने दावा किया कि रॉबी इस बात का पता भी लगा सकता है कि डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति क्या परेशानी में है? वह उसे शांत करने के लिए हल्का म्यूजिक बजा सकता है। टीम ने दावा किया है कि रॉबी 80 तरह की इंसानी भावनाओं को भी समझ सकता है और एक दिन इसका इस्तेमाल डिमेंशिया को ठीक करने में किया जाएगा।

इस तरह मदद कर सकता है ये रोबोट
टीम में शामिल एक छात्र जैचरी व्हार्टन का कहना है, "रॉबी को तैयार करने का मकसद डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति के बिहेवियर को समझना है। साथ ही ये पता लगाना है कि पीड़ित व्यक्ति कब और कैसे गुस्सा दिखाना शुरू करता है और खुद को शांत करने के लिए क्या करता है।"

व्हार्टन ने बताया कि जब डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति किसी परेशानी में होता है तो उसे शांत करने का सबसे अच्छा तरीका है कि उसके साथ खेलें, गाने सुनाएं या उससे बात करें और ये सब रॉबी कर सकता है। ये रोबोट न सिर्फ पीड़ित व्यक्ति के जीवन का अहम हिस्सा बन सकता है बल्कि उन्हें ठीक होने में भी मदद कर सकता है।