Thursday, May 30, 2019

江南华南将再次出现较强降雨过程 局地有暴雨

  中新网5月30日电 据中央气象台网站消息,5月30日夜间至6月1日,江南、华南等地将再次出现较强降雨过程,江西中南部、福建中北部、湖南南部、广东北部和西南部、广西南部和北部、云南东南部等地局地有暴雨。

  昨日华南南部出现较强降雨

  昨日,较强降雨主要出现在华南南部,广西东部、广东西部、海南岛等地部分地区降大到暴雨,广东广州、江门、茂名、湛江等局地大暴雨(100~214毫米),上述地区最大小时降雨量40~70毫米。

  江南华南将再次出现较强降雨过程

  5月30日白天,华南地区强降水范围减小,强度减弱,但广西东部、广东西部、海南岛等地的部分地区仍有中到大雨,局地暴雨,上述地区局地伴有短时强降水、雷暴大风等强对流天气。

  5月30日夜间至6月1日,江南、华南等地将再次出现较强降雨过程:江南中南部、华南、云贵高原、四川南部等地的部分地区有中到大雨,江西中南部、福建中北部、湖南南部、广东北部和西南部、广西南部和北部、云南东南部等地局地有暴雨。

  未来三天具体预报

  5月30日08时至5月31日08时,青藏高原大部、内蒙古东部、东北地区北部和东部、西南地区大部、江汉、江淮、江南、华南等地有小到中雨,其中,湖南南部、江西南部、广东中西部、广西东部、云南南部等地局地有大雨或暴雨(50~65毫米),上述地区局地伴有短时强降水、雷暴大风等强对流天气。内蒙古中东部、东北地区中部、陕西北部等地有4~6级风。南疆盆地东部局地有扬沙或浮尘(见图1)。

  5月31日08时至6月1日08时,江南中南部、华南大部、四川西南部、云南南部、海南岛东部、台湾岛等地的部分地区有中到大雨,其中,浙江南部、江西中南部、广西南部和东北部、云南东南部等地局地有暴雨(50~85毫米),上述地区局地伴有短时强降水、雷暴大风等强对流天气。内蒙古、甘肃北部、河套地区等地有4~6级风。南疆盆地东部、内蒙古西部局地有扬沙或浮尘(见图2)。

  6月1日08时至6月2日08时,江南南部、华南大部、云南中东部、黑龙江北部、海南岛、台湾岛等地的部分地区有中到大雨,其中,广西北部和东南部沿海地区、广东北部、湖南南部、福建中部和北部等地局地有暴雨(50~80毫米),上述地区局地伴有短时强降水、雷暴大风等强对流天气。内蒙古、华北北部、甘肃中部等地有4~6级风。南疆盆地东部、内蒙古西部局地有扬沙或浮尘(见图3)。

Wednesday, May 15, 2019

वर्ल्ड कप 2019 में धोनी पर होगा दारोमदार: नज़रिया

क्रिकेट वर्ल्ड कप एक ऐसा त्यौहार है जहाँ पूरी दुनिया से इस खेल के युद्धवीरों का जमघट हर चौथे साल लगता है. पिछले कुछ सालों में वैसे तो क्रिकेट के फॉर्मेट में कई बदलाव आये.

20-20 ने तो इसको खेलने और देखने का तरीका ही बदल दिया लेकिन 50 ओवर वाले वर्ल्ड कप की भारत में अपनी एक अलग जगह और पहचान है और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है 1983 का वर्ल्ड कप.

1983 वर्ल्ड कप- लॉर्ड्स का वो मैदान जहाँ भारत पहली बार इस महासंग्राम के फाइनल में पहुंचा था और शायद ही किसी ने उस समय सपने में भी सोचा होगा कि वो कप उनके नाम होगा. कपिल देव के सामने वेस्टइंडीज की धुरंधर टीम फिर से इस कप पर कब्ज़ा जमाने की पूरी तैयारी में थी. उस समय कपिल की सेना ने मैदान में ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक की जिससे वेस्टइंडीज के सारे दिग्गज धराशायी हो गए. इस वर्ल्ड कप ने हिन्दुस्तानियों का ना सिर्फ़ दिल जीता बल्कि इस खेल को आज जो लोकप्रियता हासिल है, उसकी शुरुआत यहीं से हुई थी.

इस जीत से भारत में कपिल देव रातों-रात स्टार बन गए और उस समय के युवा खिलाडियों को भी इस खेल में करियर की संभावना दिखनी शुरू हो गई. उसके बाद से इस खेल ने भारत को कई स्टार खिलाड़ी दिए. चाहे 90 के दशक के सचिन तेंदुलकर हो या फिर सौरव गांगुली, अनिल कुंबले, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी और अभी के विराट कोहली.

इन नामों में से एक नाम ऐसा है जिस पर हिंदुस्तान के खेल-प्रेमी अटक जाते है वो है धोनी. अटकना स्वाभाविक है और सबसे बड़ी बात यह है कि लोगों ने इसे धोनी युग का नाम दे दिया है, वजह ये है कि भारतीय टीम ने उनकी कप्तानी काल में ऐसे ऐसे कारनामे किए जो कभी पहले हुआ ही नहीं था.

वो ऐसे अकेले कप्तान हैं जिन्होंने भारत को 2007 में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप में ख़िताब दिलाया, 2011 में कपिल देव के बाद वर्ल्ड कप जीतने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने.

यही नहीं, 2013 में इंग्लैंड में हुए चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्ज़ा कर आईसीसी की इन तीनों ट्रॉफियों पर भारत की मुहर लगा दी. इनकी कप्तानी में कोई ऐसी चीज़ बची नहीं चाहे वो टेस्ट हो या फिर कोई और फॉर्मेट. लगातार तीन सालों (2011, 2012 और 2013 ) तक भारत इनकी कप्तानी में आईसीसी टीम ऑफ़ द ईयर का ख़िताब जीतता रहा.

तभी ऑस्ट्रेलियाई खिलाडी मैथ्यू हेडन कहते है "आप धोनी को जानते हैं, वह सिर्फ़ एक खिलाड़ी नहीं है, वह क्रिकेट का एक युग है. कई मायनों में, मुझे लगता है कि एमएस गली क्रिकेट टीम के कप्तान की तरह है, वह हम में से एक हैं, वह टीम के लिए कुछ भी कर सकते हैं.''

2019 वर्ल्ड कप में क्या होगा धोनी का रोल

हो सकता है कि एमएस धोनी का ये आखिरी विश्व कप हो लेकिन इसमें शायद ही किसी को संदेह होगा है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ धोनी को 2019 वर्ल्ड कप में जगह मिलनी चाहिए या नहीं. उनके बिना भारत के मध्य क्रम के बल्लेबाज़ी अधूरी है. वो अपने बल्ले से ही नहीं बल्कि विकेटों के पीछे भी खेलते हैं और टीम को विकेट दिलाने में उनका अहम रोल होता है.

विराट कोहली की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में होती है और अभी भी आईसीसी रैंकिंग में वो अव्वल हैं लेकिन जब कप्तानी की बात आती है तो धोनी उनसे बहुत आगे है.

क्रिकेट विश्लेषक तो ये भी मानते है कि धोनी के बाद किसी को कप्तानी की पूरी समझ है तो वो रोहित शर्मा हैं और उसका सबसे अच्छा उदाहरण है आईपीएल- जहां विराट पूरी तरह से विफल रहे हैं.

खै़र कप्तानी तो विराट के हाथों में ही रहेगी लेकिन अगर आपको सही सलाह देने वाला मिल जाए तो आप टीम को शीर्ष पर ले जा सकते हैं. धोनी, कोहली के अब तक के सर्वश्रेष्ठ सलाहकार रहे हैं, चाहे वो डीआरएस हो या फिर फील्डिंग प्लेसमेंट या गेंदबाजी में बदलाव करना. हर मोर्चे पर धोनी का रोल रहा है और रहेगा. साथ में रोहित जैसे कप्तान का भी टीम में होना भी विराट के लिए फायदेमंद ही साबित होगा.

विकेट के पीछे रहकर जिस तरीके से धोनी ने अब तक डीआरएस वाले मामलों में सफलता हासिल की है वो शायद ही किसी और ने की होगी. वो जिस तरह बिजली की गति से स्टंपिंग करते हैं, वो टीम के लिए बोनस साबित होता रहा है. ऐसे अनुभव के होने से युवा खिलाडियों को भी प्रेरणा मिलती हैं, खासकर ऐसे खिलाड़ी जो पहली बार विश्व कप खेलने जा रहे हों.

हमने धोनी का विकेट-कीपिंग कौशल देखा है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि विकेट के पीछे से जब वो स्पिनरों का मार्गदर्शन करते हैं और तेज़ गेंदबाजों को स्थिति के मुताबिक बताते हैं कि गेंद कहां डालनी है, सर्कल के अंदर फील्डर्स का समायोजन भी करते है.

विराट, शानदार क्षेत्ररक्षण के कारण उनके लिए लंबे समय तक बाउंड्री लाइन के आसपास फील्डिंग करते है और उनके लिए बैक-वार्ड ,पॉइंट फील्डिंग में बदलाव करना मुश्किल होता है. इस मसले का हल धोनी निकालते है और कोहली के साथ-साथ पूरी तरह से फील्डिंग बदलाव करते रहते है. ऐसा इसलिए भी संभव हो पाता है क्योंकि विराट और धोनी के बीच ट्यूनिंग भी अच्छी है.