До какой «нелепости» доходили наши предки! Мучились, понимаешь ли, над возведением Элисты, расширяли ее, украшали. Благодаря архитекторам 1960-1970-х мы имеем просторные улицы, микрорайоны, парки, бульвары. Чуть позже началась застройка окраин, растянувшихся на многие километры. Словом, город растет и взрослеет, как огромный живой организм, и это нормальный процесс современного общества.
Но в последние годы в самом центре началось насаждение высоток. Извините за банальность, но они растут как грибы после дождя. Вот только что был маленький пятачок – и за какие-то месяцы здесь вдруг поднялась многоэтажка. И не важно, что буквально друг у друга на головах. А кого это пугает, если на кону большие деньги? Ведь, как известно, социального жилья в республике не возводят. А потому все новостройки – это проекты коммерческие. И чтобы поселиться именно в самом центре, пипл платит по максимуму.
Трещины у соседей
Одним весенним недобрым утром жители улицы Гагарина вдруг проснулись от шума экскаваторов. На соседнем квадрате, где буквально яблоку негде упасть, началось рытье котлована. Стоит отметить, что место это довольно глухое, сразу за Национальной библиотекой имени А. Амур-Санана и сравнительно новой многоэтажкой, что «смотрит» на здание Министерства внутренних дел РК.
По отзывам старожилов, здесь ранее находились мастерские и общежитие Калмыцкого ТЮЗа. Театра давно нет, а территория, по всему, осталась за актерским сообществом, поскольку табличка на стройке гласит: будущий семиэтажный 56-квартирный дом по улице Гагарина, 16-а, возводит ООО «Стройинвест» (руководитель Евгений Цекиров) по заказу ЖСК «Театральный» (председатель Павел Челбанов).
Дело, конечно, хорошее, нужное, да вот незадача. Место выбрано уж больно специфическое. Во-первых, не развернуться даже строительной технике, поскольку подъездов практически нет. Во-вторых, при начале работ раскурочили и варварски покорежили забор и ворота соседей, и на стенах их частного дома пошли даже трещины. В-третьих, как выяснила проверка Инспекции Гостройнадзора, разрешения на строительство капитального объекта по этому адресу не выдавалось. В-четвертых, что очень важно: огромная высотка станет бок о бок соседствовать с трансформаторной подстанцией, то есть уже априори находится в зоне охранных объектов электросетевого хозяйства, а это строжайше запрещено, поскольку опасно.
Wednesday, July 31, 2019
Wednesday, July 24, 2019
40 लाख टन चीनी के बफर स्टॉक का प्रस्ताव मंजूर, गन्ने का एफआरपी 275 रुपए बरकरार
नई दिल्ली. सरकार ने चीनी सेक्टर को राहत देते हुए दो प्रस्तावों को मंजूरी दी है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ने 40 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक बनाने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। इस पर 1,674 करोड़ रुपए का खर्च आने की उम्मीद है। बफर स्टॉक से चीनी मिलों को गन्ना किसानों के 15,000 करोड़ रुपए से ज्याादा बकाया चुकाने में मदद मिलेगी।
2019-20 मार्केटिंग ईयर (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने का एफआरपी 275 रुपए प्रति क्विंटल ही रखा है। पिछले साल भी यही कीमत थी। एफआरपी वह न्यूनतम कीमत है जिस पर चीनी मिलों को किसानों से गन्ने की खरीद करनी होती है।
पिछले साल अगस्त में सरकार ने 1,175 करोड़ रुपए खर्च कर 30 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक बनाया था। ताकि, चीनी मिलों का नकदी संकट सुलझ सके और वे किसानों का बकाया चुका पाएं।
मौजूदा मार्केटिंग ईयर 2018-19 (अक्टूबर-सितंबर) में 3.29 करोड़ टन चीनी के उत्पादन की उम्मीद है जबकि, देश में सालाना मांग सिर्फ 2.6 करोड़ टन की है।
पत्र में लिखा गया- इन घटनाओं को गैर-जमानती अपराध घोषित करते हुए तत्काल सजा सुनाई जानी चाहिए। यदि हत्या के मामले में बिना पैरोल के मौत की सजा सुनाई जाती है तो फिर लिंचिंग के लिए क्यों नहीं? यह ज्यादा जघन्य अपराध है। नागरिकों को डर के साए में नहीं जीना चाहिए।
"जय श्री राम" एक हथियार बन गया- पत्र
उन्होंने लिखा- इन दिनों "जय श्री राम" एक हथियार बन गया है। इसके नाम पर मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो रही हैं। यह चौंकाने वाली बात है। अधिकांश हिंसक घटनाएं धर्म के नाम पर हो रही है। यह मध्य युग नहीं है। भारत में राम का नाम कई लोगों के लिए पवित्र है। इसको अपवित्र करने के प्रयास रोके जाने चाहिए।
पत्र के अनुसार- सरकार के विरोध के नाम पर लोगों को 'राष्ट्र-विरोधी' या 'शहरी नक्सल' नहीं कहा जाना चाहिए और न ही उनका विरोध करना चाहिए। अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। असहमति जताना इसका ही एक भाग है।
2019-20 मार्केटिंग ईयर (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने का एफआरपी 275 रुपए प्रति क्विंटल ही रखा है। पिछले साल भी यही कीमत थी। एफआरपी वह न्यूनतम कीमत है जिस पर चीनी मिलों को किसानों से गन्ने की खरीद करनी होती है।
पिछले साल अगस्त में सरकार ने 1,175 करोड़ रुपए खर्च कर 30 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक बनाया था। ताकि, चीनी मिलों का नकदी संकट सुलझ सके और वे किसानों का बकाया चुका पाएं।
मौजूदा मार्केटिंग ईयर 2018-19 (अक्टूबर-सितंबर) में 3.29 करोड़ टन चीनी के उत्पादन की उम्मीद है जबकि, देश में सालाना मांग सिर्फ 2.6 करोड़ टन की है।
पत्र में लिखा गया- इन घटनाओं को गैर-जमानती अपराध घोषित करते हुए तत्काल सजा सुनाई जानी चाहिए। यदि हत्या के मामले में बिना पैरोल के मौत की सजा सुनाई जाती है तो फिर लिंचिंग के लिए क्यों नहीं? यह ज्यादा जघन्य अपराध है। नागरिकों को डर के साए में नहीं जीना चाहिए।
"जय श्री राम" एक हथियार बन गया- पत्र
उन्होंने लिखा- इन दिनों "जय श्री राम" एक हथियार बन गया है। इसके नाम पर मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो रही हैं। यह चौंकाने वाली बात है। अधिकांश हिंसक घटनाएं धर्म के नाम पर हो रही है। यह मध्य युग नहीं है। भारत में राम का नाम कई लोगों के लिए पवित्र है। इसको अपवित्र करने के प्रयास रोके जाने चाहिए।
पत्र के अनुसार- सरकार के विरोध के नाम पर लोगों को 'राष्ट्र-विरोधी' या 'शहरी नक्सल' नहीं कहा जाना चाहिए और न ही उनका विरोध करना चाहिए। अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। असहमति जताना इसका ही एक भाग है।
Thursday, July 11, 2019
台湾大选:蔡英文竞选搭档候选人说港台正筑起一道抗拒北京的“无形高墙”
台湾总统大选在即,外界关注总统蔡英文将谁与搭档竞选。蔡英文竞选搭档的热门竞争者之一、台湾桃园市长郑文灿再度访美参加一系列活动。
被记者问到会否答应担任蔡英文的副手时,郑文灿表示:“这个事情(竞选邀请)没有发生。”他称会支持并尊重蔡英文选择的副手。
在四个月内第二度访美的郑文灿,恰逢蔡英文同时过境美国。即将访问中美洲的蔡英文11日在纽约过境,郑文灿亦将从华府抵达纽约。关于两人会否“同框”,郑称蔡的行程应由总统发言人表述,而他本人在纽约没有公开行程。
郑文灿10日在华盛顿智库威尔逊中心发表演说,他表示香港的“反送中”运动是其历史发展的重要转折点,在台湾则形成“挺台湾,保香港”的气氛。经此一役,香港和台湾民心中筑起一道抗拒北京的“无形高墙”。
郑文灿说,对香港人而言,一国两制已经破产,“两制是假象,一国才是真实的”。而一国两制在台湾“完全没有市场”。他认为,亲中路线在台湾走到十字路口,“一中各表”再没有各说各话的空间 ,因为在北京的眼中“没有各表,只有一个中国。”希望台湾跟中国进一步经济整合、与北京沟通以降低国防支出、降温外交竞争的策略在台湾失去支持。
郑文灿3月曾会晤美国白宫、国防部及国务院官员,他透露此程亦会拜会美方官员与议员。除此以外,他将以桃园市长身份参加美国商务部举办的全球城市挑战会议。他对BBC表示,他期待向美方介绍美中贸易战中“台商回流”的现象。
但实际上,他以“中国威胁”开篇,论述美中角力之间台湾的经济策略、两岸政策与台湾在美国印太战略中的角色。演讲远远超越了市长视角,甚至带着总统的格局。
近期民调显示,台湾六都市长之中,郑文灿的施政满意度最高,达70%。鉴于郑的高声望,桃园市长很可能不会是他政治生涯的最高峰。
围绕2020年大选民进党“蔡郑配”的揣测不断,郑文灿近期曾笑说:“我姓郑(正)当副的不太好。”被问到是否有意参加2024年总统大选时,郑文灿也巧妙回答:“妈祖还没给我报梦”,暗讽了正在竞选的郭台铭。
郑文灿认为,台湾可掌握美中贸易战带来的机遇。贸易战正酣,台商正寻找新的生产基地。在鼓励回台投资的政策下,回流台商的投资总额预估达200至250亿美元,其中以制造和电子业回流现象显著。
他表示,今年上半年,从美国直接下单到台湾的电子产品,增加约20%,相较之下,台湾出口到中国大陆的同类产品下降15%。
郑文灿称,他希望借演讲为台湾争取美国更有力的支持。“走在自由的道路上,需要勇气、智慧,和朋友的支持,”他说,台湾和美国虽然使用的语言不同,但享有共同的价值。“台湾的企业保护智慧财产权(知识产权),这跟中国是不太一样的。”
以民主自由价值观作为美台伙伴关系的联结,是台湾政治人物访美时常见的论述。但郑文灿对于美中贸易战中台湾角色的表述,与另外两位来自台湾的市长明显区别。
台北市长柯文哲今年3月访美时对BBC表示,台湾应寻求“亲美友中”,在美中冲突中持谨慎态度。“台湾自己要小心,美中对抗是一个局面,台湾应该想自己如何survive(存活),而不是想如何leverage(以小搏大)。”
参选总统呼声颇高的高雄市长韩国瑜曾有类似表态,指美中贸易战是“大人在打架,小孩要闪远一点”,认为台湾不该卷入。
被记者问到会否答应担任蔡英文的副手时,郑文灿表示:“这个事情(竞选邀请)没有发生。”他称会支持并尊重蔡英文选择的副手。
在四个月内第二度访美的郑文灿,恰逢蔡英文同时过境美国。即将访问中美洲的蔡英文11日在纽约过境,郑文灿亦将从华府抵达纽约。关于两人会否“同框”,郑称蔡的行程应由总统发言人表述,而他本人在纽约没有公开行程。
郑文灿10日在华盛顿智库威尔逊中心发表演说,他表示香港的“反送中”运动是其历史发展的重要转折点,在台湾则形成“挺台湾,保香港”的气氛。经此一役,香港和台湾民心中筑起一道抗拒北京的“无形高墙”。
郑文灿说,对香港人而言,一国两制已经破产,“两制是假象,一国才是真实的”。而一国两制在台湾“完全没有市场”。他认为,亲中路线在台湾走到十字路口,“一中各表”再没有各说各话的空间 ,因为在北京的眼中“没有各表,只有一个中国。”希望台湾跟中国进一步经济整合、与北京沟通以降低国防支出、降温外交竞争的策略在台湾失去支持。
郑文灿3月曾会晤美国白宫、国防部及国务院官员,他透露此程亦会拜会美方官员与议员。除此以外,他将以桃园市长身份参加美国商务部举办的全球城市挑战会议。他对BBC表示,他期待向美方介绍美中贸易战中“台商回流”的现象。
但实际上,他以“中国威胁”开篇,论述美中角力之间台湾的经济策略、两岸政策与台湾在美国印太战略中的角色。演讲远远超越了市长视角,甚至带着总统的格局。
近期民调显示,台湾六都市长之中,郑文灿的施政满意度最高,达70%。鉴于郑的高声望,桃园市长很可能不会是他政治生涯的最高峰。
围绕2020年大选民进党“蔡郑配”的揣测不断,郑文灿近期曾笑说:“我姓郑(正)当副的不太好。”被问到是否有意参加2024年总统大选时,郑文灿也巧妙回答:“妈祖还没给我报梦”,暗讽了正在竞选的郭台铭。
郑文灿认为,台湾可掌握美中贸易战带来的机遇。贸易战正酣,台商正寻找新的生产基地。在鼓励回台投资的政策下,回流台商的投资总额预估达200至250亿美元,其中以制造和电子业回流现象显著。
他表示,今年上半年,从美国直接下单到台湾的电子产品,增加约20%,相较之下,台湾出口到中国大陆的同类产品下降15%。
郑文灿称,他希望借演讲为台湾争取美国更有力的支持。“走在自由的道路上,需要勇气、智慧,和朋友的支持,”他说,台湾和美国虽然使用的语言不同,但享有共同的价值。“台湾的企业保护智慧财产权(知识产权),这跟中国是不太一样的。”
以民主自由价值观作为美台伙伴关系的联结,是台湾政治人物访美时常见的论述。但郑文灿对于美中贸易战中台湾角色的表述,与另外两位来自台湾的市长明显区别。
台北市长柯文哲今年3月访美时对BBC表示,台湾应寻求“亲美友中”,在美中冲突中持谨慎态度。“台湾自己要小心,美中对抗是一个局面,台湾应该想自己如何survive(存活),而不是想如何leverage(以小搏大)。”
参选总统呼声颇高的高雄市长韩国瑜曾有类似表态,指美中贸易战是“大人在打架,小孩要闪远一点”,认为台湾不该卷入。
Thursday, July 4, 2019
Führende Scientologen gehören zu den aktivsten Immobilienplayern der Stadt
Die Scientology-nahe Swiss Immo Trust AG aus Kaiseraugst ist eine wichtige Akteurin auf dem Basler Immobilienmarkt. Dabei geht die Firma nicht gerade zimperlich vor.
Ein Firmengeflecht rund um die Swiss Immo Trust AG in Kaiseraugst war massgeblich an der Finanzierung der Scientology-Zentrale am Rande Basels beteiligt. Recherchen der TagesWoche zeigten, wie führende Personen in diesen Firmen mit ihren namhaften Spenden einen Grossteil des Sektentempels an der Burgfelderstrasse finanzierten.
Doch nicht nur innerhalb des Basler Ablegers von Scientology ist dieses Unternehmen eine relevante Grösse. Wie unsere Datenauswertung zeigt, gehört die Swiss Immo Trust zu den wichtigsten Akteuren im Geschäft der Umwandlung von Mietwohnungen in Stockwerkeigentum.
Die TagesWoche hat die im Kantonsblatt publizierten Handänderungen auf dem Basler Immobilienmarkt seit Mitte 2008 ausgewertet. Eine solche Transaktion beschreibt den Verkauf einer Immobilie. Naturgemäss geschieht dies bei der Umwandlung in Stockwerkeigentum in relativ kurzer Zeit gleich mehrfach. Ein Unternehmen kauft eine Liegenschaft auf, renoviert oder baut neu und bringt die Wohnungen daraufhin einzeln auf den Markt. Statt einem einzelnen Eigentümer gibt es nun viele verschiedene.
Umstrittenes Business
Dieses Business gilt deshalb als umstritten, weil dadurch sehr oft günstiger Wohnraum verloren geht. Bevor die Umwandlung in Wohneigentum möglich ist, müssen die bisherigen Mieter nämlich weichen.
Zwischen 2010 und 2014 war die Swiss Immo Trust an über 50 solcher Handänderungen beteiligt. Bei 43 davon ging es um Stockwerkeigentum, verteilt auf insgesamt fünf Bauprojekte. Die Liegenschaften befinden sich allesamt im Gebiet zwischen Schützenmatt- und Kannenfeldpark. Bei all diesen Projekten immer mit dabei: Rudolf Flösser, leitender Direktor von Scientology Basel.
Grösstes Projekt war die Überbauung zwischen der Türkheimerstrasse und dem Spalenring. Dort kaufte die Swiss Immo Trust zwei ältere Liegenschaften auf, um sie durch einen Neubau mit 21 Eigentumswohnungen zu ersetzen.
Das Projekt an der Türkheimerstrasse wurde von der
BW-Liegenschaftsverwaltung geleitet, die sich ebenfalls in den Händen einer Scientologin befindet.
Dies Leitung dieses Projekts oblag der BW-Liegenschaftsverwaltung GmbH, einer Firma von Brigitte Widmer – Scientologin und potente Spenderin für den Bau der Sektenzentrale. Die Wohnungen waren zuvor sehr günstig, eine 3-Zimmer-Wohnung kostete weniger als 1000 Franken.
Das Geschäft ging nicht reibungslos über die Bühne, weil sich einige der verbliebenen Mieter gegen ihre Kündigungen wehrten. Darunter zwei Gewerbler, eine Druckerei und ein Malergeschäft. Diese suchten Hilfe beim Mieterverband und erhoben Einsprache.
Eine erste Kündigung, ausgesprochen durch die Firma BW-Immobilientreuhand, ebenfalls aus dem Umkreis der Scientology, erfolgte zur Unzeit und wurde deshalb für ungültig erklärt. Das Bauprojekt in seiner ersten Version (hauptsächlich 1- und 2-Zimmer-Wohnungen) hielt der gerichtlichen Prüfung ebenso wenig stand und wurde für untauglich befunden. Die Mieter durften ein Jahr länger bleiben.
Nachträgliche Kosten
Unangenehm aufgefallen ist die Swiss Immo Trust auch auf dem Land. 2008 berichtete etwa der «Blick» von einer Überbauung in Therwil. Dort wurde sämtlichen 28 Mietparteien wegen Sanierungsbedarf gekündigt – ihre Wohnungen wurden danach während der Euro 08 aber für mehr als 400 Franken pro Tag an Fussballfans zwischenvermietet.
In einem anderen Fall in Oberwil kam es zwischen dem Unternehmen und
26 Käuferparteien von Eigentumswohnungen zu einem Streit wegen einer Rechnung von 600’000 Franken. Die Swiss Immo Trust wollte diese Anschlussgebühr für Wasser und Kanalisation nachträglich auf die Käufer überwälzen.
Diese gingen jedoch davon aus, dass diese Gebühren bereits im Kaufpreis enthalten gewesen waren. Erst nachdem wiederum die BaZ recherchiert hatte, zeigte sich die Swiss Immo Trust einsichtig und verzichtete auf die Forderung.
Ein Firmengeflecht rund um die Swiss Immo Trust AG in Kaiseraugst war massgeblich an der Finanzierung der Scientology-Zentrale am Rande Basels beteiligt. Recherchen der TagesWoche zeigten, wie führende Personen in diesen Firmen mit ihren namhaften Spenden einen Grossteil des Sektentempels an der Burgfelderstrasse finanzierten.
Doch nicht nur innerhalb des Basler Ablegers von Scientology ist dieses Unternehmen eine relevante Grösse. Wie unsere Datenauswertung zeigt, gehört die Swiss Immo Trust zu den wichtigsten Akteuren im Geschäft der Umwandlung von Mietwohnungen in Stockwerkeigentum.
Die TagesWoche hat die im Kantonsblatt publizierten Handänderungen auf dem Basler Immobilienmarkt seit Mitte 2008 ausgewertet. Eine solche Transaktion beschreibt den Verkauf einer Immobilie. Naturgemäss geschieht dies bei der Umwandlung in Stockwerkeigentum in relativ kurzer Zeit gleich mehrfach. Ein Unternehmen kauft eine Liegenschaft auf, renoviert oder baut neu und bringt die Wohnungen daraufhin einzeln auf den Markt. Statt einem einzelnen Eigentümer gibt es nun viele verschiedene.
Umstrittenes Business
Dieses Business gilt deshalb als umstritten, weil dadurch sehr oft günstiger Wohnraum verloren geht. Bevor die Umwandlung in Wohneigentum möglich ist, müssen die bisherigen Mieter nämlich weichen.
Zwischen 2010 und 2014 war die Swiss Immo Trust an über 50 solcher Handänderungen beteiligt. Bei 43 davon ging es um Stockwerkeigentum, verteilt auf insgesamt fünf Bauprojekte. Die Liegenschaften befinden sich allesamt im Gebiet zwischen Schützenmatt- und Kannenfeldpark. Bei all diesen Projekten immer mit dabei: Rudolf Flösser, leitender Direktor von Scientology Basel.
Grösstes Projekt war die Überbauung zwischen der Türkheimerstrasse und dem Spalenring. Dort kaufte die Swiss Immo Trust zwei ältere Liegenschaften auf, um sie durch einen Neubau mit 21 Eigentumswohnungen zu ersetzen.
Das Projekt an der Türkheimerstrasse wurde von der
BW-Liegenschaftsverwaltung geleitet, die sich ebenfalls in den Händen einer Scientologin befindet.
Dies Leitung dieses Projekts oblag der BW-Liegenschaftsverwaltung GmbH, einer Firma von Brigitte Widmer – Scientologin und potente Spenderin für den Bau der Sektenzentrale. Die Wohnungen waren zuvor sehr günstig, eine 3-Zimmer-Wohnung kostete weniger als 1000 Franken.
Das Geschäft ging nicht reibungslos über die Bühne, weil sich einige der verbliebenen Mieter gegen ihre Kündigungen wehrten. Darunter zwei Gewerbler, eine Druckerei und ein Malergeschäft. Diese suchten Hilfe beim Mieterverband und erhoben Einsprache.
Eine erste Kündigung, ausgesprochen durch die Firma BW-Immobilientreuhand, ebenfalls aus dem Umkreis der Scientology, erfolgte zur Unzeit und wurde deshalb für ungültig erklärt. Das Bauprojekt in seiner ersten Version (hauptsächlich 1- und 2-Zimmer-Wohnungen) hielt der gerichtlichen Prüfung ebenso wenig stand und wurde für untauglich befunden. Die Mieter durften ein Jahr länger bleiben.
Nachträgliche Kosten
Unangenehm aufgefallen ist die Swiss Immo Trust auch auf dem Land. 2008 berichtete etwa der «Blick» von einer Überbauung in Therwil. Dort wurde sämtlichen 28 Mietparteien wegen Sanierungsbedarf gekündigt – ihre Wohnungen wurden danach während der Euro 08 aber für mehr als 400 Franken pro Tag an Fussballfans zwischenvermietet.
In einem anderen Fall in Oberwil kam es zwischen dem Unternehmen und
26 Käuferparteien von Eigentumswohnungen zu einem Streit wegen einer Rechnung von 600’000 Franken. Die Swiss Immo Trust wollte diese Anschlussgebühr für Wasser und Kanalisation nachträglich auf die Käufer überwälzen.
Diese gingen jedoch davon aus, dass diese Gebühren bereits im Kaufpreis enthalten gewesen waren. Erst nachdem wiederum die BaZ recherchiert hatte, zeigte sich die Swiss Immo Trust einsichtig und verzichtete auf die Forderung.
Subscribe to:
Comments (Atom)