भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ डब्ल्यू वी रमन को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कोच बनाया गया है. इस दौड़ में उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका के गैरी कर्स्टन को पीछे छोड़ा.
कमाल की बात है कि गैरी कर्स्टन बीसीसीआई की तदर्थ चयन समिति की पहली पसंद थे.
चयन समिति में भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव, पूर्व सलामी बल्लेबाज़ अंशुमान गायकवाड़ और महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी शामिल थीं.
इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में शायद ही कोई इतनी हाई प्रोफ़ाइल चयन समिति बनी है.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कोच बनाने के लिए काफ़ी माथापच्ची के बाद तीन नाम तय किये गए. इसमें गैरी कर्स्टन, भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ वेंकटेश प्रसाद और डब्ल्यू वी रमन के नाम शामिल थे.
और कौन था इस रेस में?
करीब 28 क्रिकेटर्स ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कोच बनने के लिए आवेदन किया था.
इनमें भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ मनोज प्रभाकर, ट्रेंट जॉनसन (आयरलैंड), पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम के कोच मार्क कोल्स, इंग्लैंड के दिमित्री मैस्करेनहास, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और श्रीलंका के पूर्व कोच डेव व्हाटमोर, इंग्लैंड के ओवैस शाह, दक्षिण अफ्रीका के हर्शेल गिब्स, ऑस्ट्रेलिया के कोलिन मिलर और ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ डोमिनिक थोर्नले जैसे नाम शामिल थे.
डब्ल्यू वी रमन ने सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर भारत के लिए 11 टेस्ट मैचों में चार अर्धशतकों की मदद से 448 रन बनाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 94 रन रहा.
एकदिवसीय क्रिकेट में उन्होंने भारत के लिए 27 मैचों में एक शतक और तीन अर्धशतक की मदद से 617 रन बनाए.
मिताली से कोच रमेश पोवार का विवाद
भारतीय महिला क्रिकेट में कोच का मुद्दा तब गरमाया जब शानदार फॉर्म में चल रही मिताली राज को पिछले दिनों वेस्ट इंडीज़ में खेले गए महिला विश्व टी-20 टूर्नामेंट के सेमीफ़ाइनल से बाहर किया गया.
सेमीफ़ाइनल में भारतीय टीम इंग्लैंड से बुरी तरह आठ विकेट से हार गई.
मिताली राज ने इससे पहले ग्रुप मैच में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 56 और आयरलैंड के ख़िलाफ़ 51 रन बनाए थे.
इसके बाद उन्हें न तो ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ग्रुप मैच में और न ही सेमीफ़ाइनल में टीम में जगह दी गई.
बस इसके बाद मिताली राज ने कोच रमेश पोवार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया.
उन्होंने कोच रमेश पोवार पर पक्षपात का आरोप लगाया और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने की शिकायत भी बीसीसीआई से की.
जवाब में भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर टीम के कोच रमेश पोवार के समर्थन में खुलकर आई, लेकिन मामला इतना तूल पकड़ गया कि रमेश पोवार को कार्यकाल पूरा होने के बाद कोच के पद से हटना पड़ा.
मिताली राज के साथ भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर भी यह कहकर साथ हो गए कि क्या ऐसा भारतीय पुरुष टीम के कप्तान विराट कोहली के साथ किया जा सकता है.
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